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आमतौर पर à¤à¤¸à¤¾ डिलीवरी के बाद के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में होता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को अपनी पहले की शेप में आने में लगà¤à¤— 6 हफà¥à¤¤à¥‡ का समय लगता है। इसके बाद सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की वजह से यह दरà¥à¤¦ हो सकता है। पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को यह दरà¥à¤¦ कम सताता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट में दरà¥à¤¦ के कारण
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाà¤à¤‚ कई असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं का अनà¥à¤à¤µ करती हैं परनà¥à¤¤à¥ कà¥à¤› महिलाओं को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¥€ दरà¥à¤¦ सहना पड़ सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद पेट में दरà¥à¤¦ के निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारण हैं;
1. पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° दरà¥à¤¦
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के ठीक बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ खाली हो जाने से सिकà¥à¥œ कर अपने पहले के आकार में आने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ होने से महिला के पेट में à¤à¤‚ठन महसूस होती है जिसे पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° दरà¥à¤¦ कहा जाता है। यह दरà¥à¤¦ शिशॠके जनà¥à¤® के ठीक बाद शà¥à¤°à¥‚ होता है और अगले कà¥à¤› दिनों तक बना रहता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को अपने मूल आकार में वापस आने में लगà¤à¤— 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ लग जाते हैं। शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से इस दरà¥à¤¦ में अधिक वृदà¥à¤§à¤¿ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हो सकती है। जो माà¤à¤‚ पहली बार बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® दे रही हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनà¥à¤¯ मांओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इस दौरान कम दरà¥à¤¦ होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियां अà¤à¥€ तक मजबूत होती हैं जब कि पहले जनà¥à¤® दे चà¥à¤•ी मांओं में à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता है।
2. कबà¥à¤œ के कारण पेट में दरà¥à¤¦
कई महिलाओं को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। पेट की मांसपेशियों की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गतिविधियों से पीड़ा होती है, पेट साफ होने में तकलीफ और कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ के साथ-साथ पेट अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† लगता है। महिलाओं में इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण à¤à¥€ उनके पेट में दरà¥à¤¦ होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद पेट में दरà¥à¤¦ पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿, पाइलà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾, योनि (वजाइना) के फटने, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद कोई शारीरिक गतिविधि न होने के कारण होता है। अनेसà¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤•, हाईडà¥à¤°à¥‹à¤•ोडोने और अनà¥à¤¯ दवाà¤à¤‚ कबà¥à¤œ को ठीक करने में मदद कर सकती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कबà¥à¤œ होने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में यह कम समय के लिठहोता है।
3. सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के ठीक होने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान दरà¥à¤¦
सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ à¤à¥€ अपने साथ दरà¥à¤¦ लेकर आता है, जिसमें आमतौर पर ठीक होने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान चीरे और आंतरिक घावों के आसपास दरà¥à¤¦ होता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दी हà¥à¤ˆ सलाह अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नियमित दवाà¤à¤‚ लेने और अधिक आराम करने से यह दरà¥à¤¦ जलà¥à¤¦ ही ठीक हो सकता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट दरà¥à¤¦ कब तक रहता है
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद का दरà¥à¤¦ इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला ने किस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शिशॠको जनà¥à¤® दिया है। यदि महिला का पà¥à¤°à¤¸à¤µ सामानà¥à¤¯ होता है, तो पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ बाद इसके कारण होने वाले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° दरà¥à¤¦ ठीक हो जाते हैं। शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में दरà¥à¤¦ के साथ-साथ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• दबाव महसूस होता है और à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बाहर ही आ जाà¤à¤—ा किंतॠनिशà¥à¤šà¤¿à¤‚त रहें à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं होगा।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट दरà¥à¤¦ कब तक रहता हैमहिला ने यदि सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ करवाया है, तो à¤à¥€ दरà¥à¤¦ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° दूर हो जाता है। हालांकि कà¥à¤› दरà¥à¤¦ या बेचैनी इसके बाद à¤à¥€ रह सकती है। इस दौरान महिला का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ इतिहास इसमें à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है, जैसे पहले किठगठसिजेरियन की संखà¥à¤¯à¤¾, लंबी पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या पà¥à¤°à¤¸à¤µ में जटिलताà¤à¤‚। थोड़ी सी पीड़ा à¤à¥€ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ देती है इसलिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ महिलाओं की अलग-अलग कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही इस दरà¥à¤¦ को ठीक होने में समय लगता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले पेट दरà¥à¤¦ का उपचार
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिला के पेट में दरà¥à¤¦ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° उसके शारीरिक बदलाव, वजन और आंतरिक बदलाव व गतिविधियों के कारण होता है जो समय के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ठीक हो सकता है। यह दरà¥à¤¦ जब तक ठीक नहीं हो जाता है आप इसके उपचार के लिठदरà¥à¤¦ निवारक गोलियां, जैसे आइबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ या पैरासिटामॉल ले सकती हैं। पेट के दरà¥à¤¦ में आराम के लिठआप नरà¥à¤® रजाई का उपयोग या गरà¥à¤® सिकाई कर सकती हैं। किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की दवाई का उपयोग डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही करें। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान माठजिस à¤à¥€ चीज का सेवन करती है वह शिशॠदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान उसके शरीर में à¤à¥€ जा सकता है। कई महिलाà¤à¤‚ इस दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और आरामदायक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करती हैं जिसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान à¤à¥€ करने की सलाह दी जाती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट में दरà¥à¤¦ के घरेलू उपचार
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट में दरà¥à¤¦ होने के कà¥à¤› उपचार नीचे दिठहà¥à¤ हैं, आइठजानते हैं;
1. ताजा पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾
पेट में दरà¥à¤¦ और à¤à¤‚ठन तकलीफदेह हो सकती है और आपको अधिक पीड़ा का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। यदि आपके पेट की मांसपेशियों या आंतों में दरà¥à¤¦ होता है, तो पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ को हल करने में मदद कर सकता है। पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ में मौजूद दरà¥à¤¦ निवारक गà¥à¤£ आपके दरà¥à¤¦ को कम करने के साथ-साथ कबà¥à¤œ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को à¤à¥€ कम कर सकते हैं। पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पानी में उबालें और इसमें कà¥à¤› बूंदें नींबू के रस की मिलाà¤à¤‚। इस मिशà¥à¤°à¤£ को दिन में दो बार पीने से पेट के दरà¥à¤¦ में राहत मिलती है।
2. शहद
कई बार संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण पेट में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤‚ठन हो सकती है और यदि इसके साथ पेट में सूजन व योनि से रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ होता है तो आपको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। इसमें कà¥à¤› समय के लिठराहत हेतॠआप शहद का सेवन कर सकती हैं, शहद के à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£ आपकी मदद कर सकते हैं। शहद और नींबू के रस की कà¥à¤› बूंदों को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में डालकर अचà¥à¤›à¥€ तरह से मिलाà¤à¤‚ और पी लें, इससे आपका पेट शांत रहने में मदद मिलती है।
3. नींबू
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिलाओं का शरीर कमजोर हो जाता है और उनके इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® के दोबारा निरà¥à¤®à¤¾à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। इसके साथ ही पाचन तंतà¥à¤° à¤à¥€ सà¤à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के साथ वापस साधारण सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। दरà¥à¤¦ को कम करने और वापस सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आने के लिठसंपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाना आवशà¥à¤¯à¤• है।इसके उपचार के लिठआप अपने आहार में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विटामिन ‘सी’ का सेवन करके सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकती हैं। इसके उपचार के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में नींबू की कà¥à¤› बूंदें मिलाकर पीने से पेट में आराम मिलने के साथ-साथ दरà¥à¤¦ से उबरने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• मिनरल à¤à¥€ मिलते हैं।
4. गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और पेट के आसपास दरà¥à¤¦ में गरà¥à¤® सिकाई से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• आराम मिलता है। किंतॠयदि पेट में दरà¥à¤¦ के उपचार के लिठआप गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करती हैं तो आपके पूरà¥à¤£ शरीर के दरà¥à¤¦ में राहत मिलने के साथ-साथ आपको आंतरिक सà¥à¤•ून मिलता है। दिनà¤à¤° में लगà¤à¤— 2 बार आप शरीर को कà¥à¤› देर के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में डà¥à¤¬à¤¾à¤•र रखें इससे आपको à¤à¤°à¤ªà¥‚र आराम मिल सकता है।
5. हलà¥à¤¦à¥€ वाला दूध
माठके कमजोर इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® के कारण पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद संकà¥à¤°à¤®à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हमेशा उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° पर होती है। इस तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प पेट में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है । इस समसà¥à¤¯à¤¾ का इलाज करके संकà¥à¤°à¤®à¤£ और पेट दरà¥à¤¦ दोनों का उपचार करना अनिवारà¥à¤¯ है। महिलाओं में इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को मजबूत करने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टीबायोटिक à¤à¤• बेहतर विकलà¥à¤ª है। घर में सरलता से पाठजाने वाले पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टीबायोटिक के रूप में आप हलà¥à¤¦à¥€ का उपयोग कर सकती हैं। à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर को à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ दूध में मिलाकर पीने से शारीरिक संकà¥à¤°à¤®à¤£ को खतà¥à¤® करने में मदद मिलती है साथ ही पेट के दरà¥à¤¦ में राहत à¤à¥€ मिलती है।
6. सौंफ
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ के कारण अकà¥à¤¸à¤° महिलाओं को उनके कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ और सूजन की शिकायत होती है। सौंफ में मौजूद à¤à¤¨à¥‰à¤²à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण सूजन को कम करने में मदद मिलती है। कई महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ के लिठà¤à¥€ सौंफ खाना पसंद करती हैं। सौंफ को पानी में उबालें और छानकर, शहद मिलाकर दिनà¤à¤° में चाय की तरह 2 बार पिà¤à¤‚, इससे आपको दरà¥à¤¦ में राहत मिल सकती है।
7. अदरक
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में उपयोग की जाने वाली हर à¤à¤• सामगà¥à¤°à¥€ पेट के विकारों को ठीक करने में सकà¥à¤·à¤® है। इनमें से à¤à¤• अदरक à¤à¥€ है। à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ वाली अदरक दरà¥à¤¦ में आराम देने के साथ-साथ, आपकी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ और मनोदशा में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाने में मदद करती है। अदरक को कदà¥à¤¦à¥‚कस करके पानी में उबाल लें और इसमें अजमोद (पारà¥à¤¸à¤²à¥‡) की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पीसकर डालें और थोड़ा सा शहद à¤à¥€ मिला लें। औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ वाला यह पेय आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहतरीन है। इससे पेट की à¤à¤‚ठन, दरà¥à¤¦ तो खतà¥à¤® होती ही है और साथ ही यह सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥€ होता है।
8. चावल का पानी
चावल पका लेने के बाद बचा हà¥à¤† पानी पेट की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठकमाल का उपचार है। यह पेट की आंतरिक परतों पर à¤à¤• चिकना आवरण बना देता है जिससे पेट का दरà¥à¤¦ बेहद कम हो जाता है। यह महिलाओं में पाचनशकà¥à¤¤à¤¿ को बेहतर बनाता है और कबà¥à¤œ के साथ-साथ मूतà¥à¤° में रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ को à¤à¥€ कम करता है। चावल पकाते समय à¤à¤°à¤ªà¥‚र पानी डालें ताकि आप परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में उसका पका हà¥à¤† पानी पी सकें।
9. गरà¥à¤® सेंक (वारà¥à¤® कंपà¥à¤°à¥‡à¤¸)
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट की मांसपेशियों में फैलाव व संकà¥à¤šà¤¨ के कारण अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤‚ठन होती है। à¤à¤¸à¥‡ में पेट की संवेदनशीलता बà¥à¤¤à¥€ है और निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होता है। पेट में दरà¥à¤¦ के लिठवारà¥à¤® कंपà¥à¤°à¥‡à¤¸ का उपयोग करने से महिलाओं को राहत मिलती है। सिकाई की गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में वृदà¥à¤§à¤¿ करती है जिससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में हलà¥à¤•ापन महसूस होता है। जब à¤à¥€ आपको पेट में तेज दरà¥à¤¦ होता है तो à¤à¤• कपड़े को लपेटकर हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® करें या फिर गरà¥à¤® पानी की थैली का उपयोग करके अपने पेट की सिकाई करें।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पेट दरà¥à¤¦ में आराम के लिठकà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ
1. बार-बार पेशाब करें
पेशाब को अधिक देरी तक न रोकें और थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में अपना मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ खाली करती रहें। जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सके उतना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब करने जाà¤à¤‚। à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ से आपको अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो सकती है और आपके पेट की à¤à¤‚ठन बॠसकती है। लगातार पेशाब जाने से आपको दरà¥à¤¦ और à¤à¤‚ठन से राहत मिल सकती है।
2. तेल से मालिश करें
नारियल तेल या बादाम के तेल से अपने पेट की मालिश करें। पेट पर हलà¥à¤•ा दबाव दरà¥à¤¦ और à¤à¤‚ठन में आराम देता है। आप इस तेल में लैवेंडर या पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ का à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑइल à¤à¥€ मिला सकती हैं जो अपने दरà¥à¤¦ निवारक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठजाने जाते हैं।
3. पेट के बल सोà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट के बल न सोने की सलाह दी जाती है किंतॠगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद à¤à¤¸à¤¾ करने में कोई हानि नहीं होगी। पेट के बल सोने से आपको पेट के दरà¥à¤¦ में आराम मिल सकता है। दबाव को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठपेट के बल लेटकर निचली तरफ तकिया लगा लें, इससे à¤à¥€ à¤à¤‚ठन में आराम मिलता है।
4. धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और गहरी सांसों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद पेट में दरà¥à¤¦ को कम करने में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ (मेडिटेशन) और गहरी सांस लेने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ बेहतर उपचार हो सकता है। खà¥à¤¦ को शांत रखने के लिठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और दरà¥à¤¦ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठगहरे शà¥à¤µà¤¸à¤¨ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह कब लें
सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद टाà¤à¤•ों के आसपास का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° लाल होने पर।
बà¥à¤–ार होने और दरà¥à¤¦ बà¥à¤¨à¥‡ पर।
योनि से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ में वृदà¥à¤§à¤¿ और रकà¥à¤¤ का रंग गाà¥à¤¾ लाल होने पर।
यदि आपके पेट और कमर, दोनों ही हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• संवेदनशीलता महसूस होती है।
गंà¤à¥€à¤° रूप से मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ होने पर।
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